राजनीती के तुष्टिकरण में, देश को मेरे बाँटा है,
मेरे देश के बटवारे का श्रेय, नेताओ को जाता है,
वोट बैंक की राजनीती कर, जाती प्रान्त में बाँट दिया,
फिर भी शांति नहीं मिली तो, हिन्दू और मुस्लिम बाँट दिया,
ऊंच - निचे के भेद भाव में, आरक्षण ला कर लगा दिया,
और जिसने ऊँची आवज़ उठायी, उसे पैसो से दबाया जाता है,
मेरे देश के बटवारे का श्रेय, नेताओ को जाता है,
जब बटवारे थे शुरू किये, रंगो तक को इनने बाँट दिया,
हिन्दी - उर्दू भी अलग हुई, गीता - कुरान भी बाँट दिया,
सोने की चिड़िया था ये, इसे सीमाओं में छाट दिया,
छोटे - छोटे टुकड़े कर के, भारत माँ तक को इनने बाँटा है ,
मेरे देश के बटवारे का श्रेय, नेताओ को जाता है,
अंग्रेजी शिक्षा को लाकर, देसी संस्कारों को बाँट दिया,
सत्ता कुर्सी के भूके ऐसे, की अपने अपनों मार दिया,
चन्द वोट के लालच में, गौ माता तक को काट दिया ,
भ्रस्टाचारी और घूसखोरी, जिनको बड़ा लुभाता है,
मेरे देश के बटवारे का श्रेय, उन नेताओ को जाता है,
सिंहासन के खातिर , ना जाने कितनो को मरवा दिया,
प्रेम मिटा कर इंसा में, हिंसा को बड़वा दिया ,
गिरा के मंदिर मस्जिद को, दंगो को भड़का दिया ,
और १ कुर्सी के लालच में, ना जाने कितने शिशो को इन्होंने काटा है ,
मेरे देश के बंटवारे का श्रेय, उन गद्दारो को जाता है..
मेरे देश के बटवारे का श्रेय, उन नेताओ को जाता है..
~ किर्तिश श्रोत्रिय