महिलाओं पर जहाँ अत्याचार तुम दिन रात करते हो।
ये कौन सा देश है जिसके उत्थान की तुम बात करते हो।।
जिन नो दिनों में देवी मान कर पूजते हो जिसे,
उन दिनों में भी अपनी गन्दी नज़रों से उसका शिकार करते हो।
ये कौन सा देश है जिसके उत्थान की तुम बात करते हो।।
रात को घर से निकलने से जहाँ डरती है औरते,
वहाँ उनके पहनावे मात्र से ही उनके करैक्टर पर सवाल करते हो।
ये कौन सा देश है जिसके उत्थान की तुम बात करते हो।।
जहाँ श्री कृष्ण ने प्रेम की पवित्रता का वर्णन किआ है,
वहाँ तुम अपनी गंदी वासनाओ को भी प्रेम का नाम देते हो।
ये कौंन सा देश है जिसके उत्थान की तुम बात करते हो।।
नन्हीं सी बच्ची जो लक्ष्मी और सरस्वती का रूप मानी जाती है,
उसकी मासूमियत से भी तुम इस तरह खिलवाड़ करते हो।
ये कौंन सा देश है जिसके उत्थान की तुम बात करते हो।।
औरत जहाँ शांति और समृद्धि का प्रतिक मानी जाती है,
फिर क्यों उन्हें घिनौनी हरकत कर बेबस और लाचार करते हो।
ये कौंन सा देश है जिसके उत्थान की तुम बात करते हो।।
~ किर्तिश श्रोत्रिय