मैं जब चलता हूँ, ये चाँद मेरे साथ चलता है,
मैं जहाँ भी जाता हूँ, ये रास्ता मुझसे बात करता है ।।
दुनिया जहां की सारी बंदिशों से, ये मेरे मन को आज़ाद करता है,
मैं जहाँ भी जाता हूँ, ये रास्ता मुझसे बात करता है ।।
ये सिखाता है मुझे, की इन रास्तों की तरह, जीवन का पथ भी आसान नहीं है,
और गिरेगा तू लड़खड़ा कर, जो आगे तेरा ध्यान नहीं है,
इसी तरह बातों ही बातों में, हर बार मेरा ख्याल करता है,
मैं जहाँ भी जाता हूँ, ये रास्ता मुझसे बात करता है ।।
ये हर दिन मिलता मुझे नए अजनबियों से, हर पल उन्हें पीछे छोड़ देता है,
और कुछ इस तरह ये मेरे जीवन को, हर पल एक नया मोड़ देता है,
फिर हर नई सुबह, एक नई किरण के साथ एक नया आगाज करता है,
मैं जहाँ भी जाता हूँ ये रास्ता मुझसे बात करता है ।।
ये बताता है मुझे, की सबके जीवन में मुश्किलों के रेड सिग्नल्स आते है,
और डट कर खड़े रहे कुछ देर उनके आगे, तो कुछ पल में वो भी ग्रीन हो जाते है ,
इसी तरह के नुस्खों से ये मेरे जीवन को साकार करता है,
मैं जहाँ भी जाता हूँ ये रास्ता मुझसे बात करता है ।।
ये कहता है मुझे, की जिंदगी की तरह सफर में भी, सुरक्षा का इंतज़ाम जरूरी होता है,
और कोई करे या ना करे, पर हर पल तुम्हरी माँ को, तुम्हारा इंतज़ार जरूर होता है,
इसी तरह, सारी मुसीबतों से रक्षा ये मेरी हर बार करता है,
मैं जहाँ भी जाता हूँ, ये रास्ता मुझसे बात करता है ।।
ये कहता है मुझे, की करी जो बस मंज़िलो की परवाह तुमने, तो ये रास्ता पीछे छूट जाएगा,
और की जो बस कल की चिंता जो तुमने, तो तुम्हारा आज भी तुमसे रूठ जाएगा,
ऐसी ही अच्छी-अच्छी बातें, ये मुझसे दिन रात करता है,
बड़ा मजा आता है मुझे, जब ये रास्ता मुझसे बात करता है ।।
मैं जब चलता हूँ, ये चाँद मेरे साथ चलता है,
मुझे अक्सर लगता है, ये रास्ता मुझसे बात करता है ।।
Don't forget to Like, comment and share with your friends and family.
© Kirtish Shrotriya. Unauthorized copying prohibited.