शुक्रिया-ए-2020 जिंदगी की कीमत समझाने के लिए।
शुक्रिया-ए-2020 जीने का सही मतलब समझाने के लिए।
हाँ माना तुम थोड़े ज्यादा निर्दयी, निष्ठुर और क्रूर थे।
पर हमे जीवन के सही मायने सिखाने को मजबूर थे।
इस बात को बताया तुमने की हम अब तक कितने भ्रम में थे।
अभी जीने को बहुत लंबी जिंदगी है इस वहम में थे।
जब चार दिवारी में बैठ कर कुछ महीने बिताने लगे।
अपनों के साथ रहने की ख़ुशी तभी समझ पाने लगे।
शुद्ध और ताज़ी हवा से हमे रूबरू भी कराया तुमने।
हमने पर्यावरण बर्बाद कर रखा था, महसूस भी कराया तुमने।
तुमने यह भी समझाया कि हम कम में भी गुजारा कर सकते है।
फ़िज़ूल के दिखावें से अच्छा तो किसी इंसा का पेट भर सकते है।
हमारे अंदर छुपी कलाओं को निखारा है तुमने।
कही शेफ़, कही सिंगर, तो कही पेंटर निकाला है तुमने।
रामायण महाभारत का इतिहास फिर से दिखाया है तुमने।
होली से न्यू ईयर तक सारे त्यौहारों को घर पर मनवाया है तुमने।
छोटी छोटी खुशियों की हमें अहमियत समझाने के लिए।
लॉक डाउन के बहाने ही अपनों के साथ थोड़ा वक्त दिलाने के लिए।
शुक्रिया-ए-2020, हमारी जिंदगी में आने के लिए।
शुक्रिया-ए-2020 जिंदगी की कीमत समझाने के लिए।
~ किर्तिश श्रोत्रिय