Wednesday, February 1, 2017

Pyaar Kya Hai

It's Pending from a long time, but didn't get time to write something new so finally going to upload it,😉😉
tried to write a thought, that what if someone ask me "what is love",  so how am I going to explain him/her in my words ..

“प्यार क्या है..?”


प्यार तपस्या और साधना की अनुभूति है,
प्यार समंदर से मिलने वाला मोती है,

प्यार राधा है, रुक्मिणी है, शेषनाग है,
प्यार गोकुल की गलियों में कान्हा का रास है,

प्यार शबरी के बेर और मीरा का विश्वास है,
प्यार कैकेयी के कह देने पर राम का वनवास है,

प्यार माँ का बेटे से दुलार है,
प्यार पिता का दिया अतुलित संसार है,

प्यार भाई की कलाई पर बहन की राखी है,
प्यार गलती न होने पर भी माँगी गई माफ़ी है,

प्यार दादी की बनाई मक्के की रोटी, सरसों का साग है,
प्यार बड़े-बुजुर्गों का दिया आशीर्वाद है,

प्यार देश की सीमा पर लड़ रहे सैनिक के लिए किया इंतज़ार है,
प्यार पत्नी का पति के लिए किया गया श्रृंगार है,

प्यार आँखों ही आँखों में की हुई बातें हैं,
प्यार विरह में बितायी गई लंबी रातें हैं,

प्यार स्त्री के मस्तक पर लगा सिंदूर है, टीका है, लाली है,
प्यार कानों में पहनी हुई बाली है,

प्यार पायल है, बिछिया है, साड़ी है,
प्यार घूँघट में बैठी हुई घराड़ी है,

प्यार छोटी-मोटी नोक-झोंक और मीठी सी लड़ाई है,
प्यार प्रेमिका की गोद में सर रख ली हुई अंगड़ाई है,

प्यार एक दूजे के लिए खाई कसमें हैं, वादे हैं,
प्यार दिलों में जगते नेक इरादे हैं,

प्यार कभी पूर्णिमा तो कभी अमावस की रात है,
प्यार करवाचौथ पर किया हुआ उपवास है,

प्यार जैसे दिया और बाती का साथ है,
प्यार जन्म-जन्म के लिए माँगा हमसफ़र का हाथ है,

प्यार शुरुआत है, प्यार ही अंत है, 

प्यार से ही यह सृष्टि और प्यार ही अनंत है


प्यार जीवन की अनमोल पूँजी है,
प्यार ही तो सफलताओं की कुंजी है।

                                             ~ किर्तिश श्रोत्रिय




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