Sunday, March 22, 2020

Socha To Nahi Tha



सोचा तो था कि ५०-६० की उम्र तक पहुंचते हुए एक दिन ऐसा भी आएगा

पर ये नहीं सोचा था कि वो वक़्त इतनी कम उम्र में आ जाएगा


जब लोग किसी न्यूक्लियर मिसाइल या बॉम्ब से नहीं मरेंगे,

बल्कि एक छोटे से वायरस से कुछ इस कदर डरेंगे,


जब कुछ पल के लिए लोगों को यहां कलयुग का आभास होगा,

प्रलय तो नहीं कह सकते इसे, पर हां कोई तो महा विनाश होगा,


हर तरफ भय का कुछ यूं माहौल छा जाएगा,

जब काम छोड़ कर अपना हर कोई घर में बैठ जाएगा,


जहां मौत कोई मजहब को देख कर वार नहीं करेगी,

जब कोई बीमारी कोई जात पात देख कर शिकार नहीं करेगी,


जब हर तरफ हाहाकार होगा और सब कुछ यूं इतनी जल्दी बदल जाएगा,

इस तेज़ रफ़्तार से चलता यह जीवन चक्र में अचानक एक मोड़ पर रुक जाएगा,


हां सोचा तो था कि ५०-६० की उम्र तक पहुंचते पहुंचते एक दिन ऐसा आएगा,

पर ये नहीं सोचा था कि ये वक़्त इतना जल्दी आ जाएगा ।।


                                                           ~ किर्तिश श्रोत्रिय



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