मैगी-समोसे पर दिन गुज़ारना, अटेंडेंस की मारामारी और लेट-नाइट पढ़ाई — हर इंजीनियरिंग स्टूडेंट की यही कहानी है। एक मज़ेदार कॉलेज-लाइफ कविता।
हर Engineering स्टूडेंट की एक ही कहानी है,
ना खाने का पता ना चाय ना पानी है,
Meggi-समोसे में दिन तो बिताना है,
College में फैकल्टी के चक्कर लगाना है,
Sessionals-Attendance की सब मारामारी है,
डिग्री पे पड़ रहे बैक अब भारी है,
ना सोने का पता ना उठने का ठिकाना है,
Laptop पे बैठ के रोज़ पिक्चर लगाना है,
झाड़ू-पोंछा-बर्तन भी एक परेशानी है,
शिवानी से पढ़ना इंजीनियर की निशानी है,
Late-night पढ़ के टॉप करने में मज़ा है,
टिफ़िन का खाना अब लगता सज़ा है,
हर एक महीने यहाँ पार्टी मनाते हैं,
गालियों से ही यहाँ प्यार जताते हैं,
दोस्तों की girlfriends को भाभी बुलाते हैं,
GF ना मिले तो crushes से ही काम चलाते हैं,
Facebook चलाए बिना दिन नहीं जाता है,
WhatsApp से अपना कुछ गहरा ही नाता है,
जैसी भी है यही ज़िंदगी बितानी है,
हर Engineering स्टूडेंट की तो एक ही कहानी है।
~ किर्तिश श्रोत्रिय
Keep it up
ReplyDeletethanks ashwin..:)
ReplyDeleteEk nu bhai...
ReplyDeleteSali engineer ki asi hi life hai
nice poem
ReplyDeleteNice lines
ReplyDeletethanks..:)
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