Wednesday, July 25, 2018

2 Dino Ka Desh Prem – Deshbhakti Kavita | Kirtish Shrotriya

क्या हमारा देशप्रेम सिर्फ 15 अगस्त और 26 जनवरी तक ही सीमित है? तिरंगे के सम्मान पर एक करारा और सोचने पर मजबूर करने वाला सवाल।

चंद पंक्तियाँ देश के नाम, उस तिरंगे के नाम जिसे बस साल में २ बार याद किया जाता है ,
जो १५ अगस्त और २६ जनवरी को हर साल देश की आन बान शान में हमेशा लहराता है 
 पर फिर अगले ही दिन सड़को पर धूल खाता पाया जाता है..

  

फिर से कुछ लोगो को अपना देश प्रेम याद आएगा.. 

चलो कुछ दिन बाद फिर से स्वतंत्रता दिवस आएगा..


२६ जनवरी की शाम को बंद कर के जहा रखा था झंडा,

उन  डब्बो से धूल हटाया जाएगा ..

साल में २ दिन ही सही पर वो तिरंगा फिर से बाहर निकाला जाएगा..

जब हर चौक चौराहे पर तिरंगा फेहराया जाएगा

फिर से कुछ लोगो को अपना देश प्रेम याद आएगा..

चलो कुछ दिन बाद फिर से स्वतंत्रता दिवस आएगा..


बड़-चढ़ कर फेसबुक-व्हाट्सप्प पर पोस्ट लगाया जाएगा..

फिर से एक दिन देश के नाम राष्ट्रगान गया जाएगा..

जब देश प्रेम के गीतों को हर जगह सुनाया जाएगा..

मगर क्या देश पर दी कुरबनी को कोई याद भी करने जाएगा..?

हाँ पर १ दिन और घूमने को लोगो का प्लान जरूर बन जाएगा..

चलो कुछ दिनों क बाद फिर से स्वतंत्रता दिवस आएगा..

फिर से कुछ लोगो को अपना देश प्रेम याद आ जाएगा.


जब बच्चा बच्चा हाथ में झंडा ले कर विद्यालय तक जाएगा 

पर वही झंडा जब अगले दिन सड़को पर धूल खता पाया जाएगा.

जब कूड़ा बन कर गलियों में पेरो से कुचला जाएगा,

फिर शर्मसार हो कर के डब्बो में बंद हो जाएगा..

चलो कुछ दिनों क बाद फिर से स्वतंत्रता दिवस आएगा..

फिर से कुछ लोगो को अपना देश प्रेम याद आ जाएगा..


                                                           ~ किर्तिश श्रोत्रिय



आइये हम सब ये प्रण ले की अब से हमारे प्यारे तिरंगे को सड़को पर कचरे की तरह न फेके 
और दिल से उसका सम्मान करे .
जय हिन्द..!!


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