Tuesday, August 11, 2026

Aaina – Chupa Hua Ishq Ghazal | Kirtish Shrotriya

कभी किसी से इतनी शिद्दत से इश्क़ हुआ है कि नाम छुपाना पड़े, नज़रें चुरानी पड़ें, और पूछे जाने पर भी सीधा जवाब न दे पाएं? यह नज़्म उन्हीं शरारती, अधूरे-से एहसासों की है — जहाँ हर बात कहनी नहीं, बस समझा देनी है। आख़िर में एक आइना है, और उसमें झाँकने वाला हर कोई जान जाएगा जवाब क्या है।

Aaina Hindi Ishq Ghazal by Kirtish Shrotriya

वफ़ा को वफ़ा का पता देना, 

ग़र इश्क़ है किसी से, तो बता देना। 


रोज़ लिखना हथेली पे नाम उसका, 

कोई देखे... कि उससे पहले मिटा देना। 


यूँ चुपके-चुपके करना दीदार उसका, 

वो देखे जो तुम्हें, तो नज़रें हटा देना। 


यूँ ही मत करते रहना तुम पीछा उसका, 

किसी दिन नंबर मिले, तो कॉल लगा देना। 


वो पूछे अगर हाल, कहना इश्क़ में हूँ, 

जो पूछे 'किसके?', तो आइना दिखा देना। 


हाँ किया है 'श्रोत्रिय' ने, बस इश्क़ उससे, 

हुई है गर कोई खता, तो सज़ा देना। 


वफ़ा को वफ़ा का पता देना, 

ग़र इश्क़ है किसी से, तो बता देना।


                                  ~ किर्तिश श्रोत्रिय




Don't forget to Like, comment and share with your friends and family.


ये भी पढ़ें: 


© Kirtish Shrotriya. Unauthorized copying prohibited.

No comments:

Post a Comment