Tuesday, July 7, 2026

Friends for a Season – Rishton Ki Kavita | Kirtish Shrotriya

क्या आपकी ज़िंदगी में भी कुछ ऐसे चेहरे आए जो कुछ वक़्त के लिए फ़रिश्ता बनकर आए, दर्द बाँटा और फिर ख़ामोशी से रुख़्सत हो गए? यह कविता उन्हीं अनकहे रिश्तों को समर्पित है।

Friends for a Season Hindi Kavita by Kirtish Shrotriya


इस जीवन के सफर में बहुत से अनजान लोग मिल जाया करते हैं,

पता ही नहीं चलता कब वो हमारी कहानी के अहम किरदार हो जाया करते हैं।


वो लोग जिन्हें कुछ वक्त पहले तक हम जानते नहीं थे,

वो चेहरे जिन्हें कुछ सालों पहले तक पहचानते नहीं थे।


वो लोग हमारे जीवन में कुछ नए से रंग भर दिया करते हैं,

हमारी हर समस्याओं को हर कर, हमें चिंता-मुक्त कर दिया करते हैं।


वैसे ऊपरवाला जब भी हमारी जिंदगी में कुछ मुश्किलें दिया करता है,

उसके साथ ही वो उन मुश्किलों को आसान करने का हल भी दिया करता है।


कुछ वक्त के लिए ही सही वो एक फ़रिश्ते की तरह हमारी जिंदगी में आते हैं,

हमारे हर दर्द-ओ-ग़म को अपना बना कर, हमें मुस्कुराता छोड़ जाते हैं।


शायद इस सफर में उनका साथ तक़दीर को वही तक मंजूर होता है ,

शायद उनसे मिलना और मिल कर बिछड़ना जीवन का दस्तूर होता है।


अफ़सोस तो है वो लोग आज हमारी ख़ुशियों में हमारे पास नहीं हैं,

उनकी याद ही है अब साथ, वो रूबरू हमारे साथ नहीं हैं।


लेकिन वो लोग हमारे सफर के अहम हिस्से जरूर रहेंगे,

वो साथ रहे या न रहे पर उनके वो हंसते गुदगुदाते किस्से जरूर रहेंगे।


                                                                     ~ किर्तिश श्रोत्रिय




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